न खिंचे तुझ से एक जा नक़्क़ाश
उस की तस्वीर वो है हरजाई
“From you, my love, no delicate picture is drawn, That portrait is of the beloved, the charming one.”
— میر تقی میر
معنی
شاعر کہہ رہا ہے کہ تجھ سے کوئی نازک تصویر نہیں کھنچ سکتی، کیونکہ وہ تصویر تو ہرجائی (محبوبہ) کی ہے۔
تشریح
शायर कहते हैं कि महबूब की तस्वीर बनाना बंद कर दो, क्योंकि उसकी असली हस्ती ही एक बेकाबू, जंगली जान है। कुछ नज़ारे बस महसूस किए जाते हैं, उन्हें क़ैद नहीं किया जा सकता।
