जिगर मुँह तक आते नहीं बोलते
ग़रज़ हम भी करते हैं क्या क्या गई
“The heart does not let its feelings speak out; Do we not also have our needs and desires?”
— میر تقی میر
معنی
دل اپنے جذبات کو منہ تک نہیں آنے دیتا؛ کیا ہمیں بھی اپنی ضرورتیں اور خواہشات نہیں ہیں؟
تشریح
ये शेर दिल के अंदर दबी भावनाओं का इज़हार है। शायर कहते हैं कि हमारे दिल में इतनी आरज़ूएँ हैं, इतनी बातें हैं... कि वो ज़ुबान तक आकर बोल भी नहीं पातीं। यह खामोशी का दर्द है।
