सुब्ह तक शम्अ' सर को धुनती रही
क्या पतिंगे ने इल्तिमास किया
“Till dawn, the lamp kept shining on the hair, Did the husband make any request?”
— میر تقی میر
معنی
صبح تک شمع سر کو دھنتی رہی، کیا پتی نے التماس کیا۔
تشریح
ये शेर उस प्रयास की बेबसी को बयां करता है। शमा का सुबह तक जलना, एक अथक कोशिश है। मगर शायर पूछते हैं कि क्या इस जलने का कोई इल्तिमास था? यह सवाल करता है कि क्या हमारा संघर्ष किसी के लिए मायने रखता है।
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