हासिल है क्या सिवाए तराई के दहर में
उठ आसमाँ तले से कि शबनम बहुत है याँ
“What have I gained, except the moisture in the paddy field? / Arise from beneath the sky, for there is plenty of dew here.”
— میر تقی میر
معنی
شاعر پوچھتا ہے کہ اس دنیا میں تराई के नमी के अलावा और क्या हासिल है? और कहता है कि आसमाँ के नीचे से उठो, क्योंकि यहाँ ओस (यानी गम) बहुत है।
تشریح
यह शेर एक ज़मीन से जुड़ा हुआ एहसास है। शायर कहते हैं कि तराई की मिट्टी के सिवा और क्या पाना है? और फिर कहते हैं कि आसमाँ के नीचे से उठो, क्योंकि ओस की बूँदें (मौके) बहुत हैं। यह ज़िंदगी की सादगी और मौजूद अवसरों की याद दिलाता है।
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