दिलों में वलवले आफ़ाक़-गीरी के नहीं उठते
निगाहों में अगर पैदा न हो अंदाज़-ए-आफ़ाक़ी
“In hearts, the vast horizons do not stir, nor do the eyes, if the manner of the horizon is not born.”
— علامہ اقبال
معنی
دلوں میں وِلَوِلے آفاقِ گِری کے نہیں اُٹھتے، اگر نگاہوں میں اندازِ آفاقی پیدا نہ ہو۔
تشریح
यह शेर बताता है कि दिल का वलवला सिर्फ़ एहसास से नहीं होता। इसके लिए निगाहों में एक आफ़ाक़ी अंदाज़ की ज़रूरत है। यानी, एहसास की गहराई के लिए, नज़रों में भी एक विशाल सोच होनी चाहिए।
