मुझे वो दर्स-ए-फ़रंग आज याद आते हैं
कहाँ हुज़ूर की लज़्ज़त कहाँ हिजाब-ए-दलील
“I remember that foreign learning today, Where is the sweetness of the Beloved, where is the veil of proof?”
— علامہ اقبال
معنی
مجھے وہ درسِ فرنگ آج یاد آتے ہیں، جہاں حضور کی لذت کہاں، حجابِ دلیل کہاں۔
تشریح
यह शेर दुनियावी ज्ञान और रूहानी एहसास के बीच के गहरे फासले को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि भले ही उन्हें दुनियावी सीख याद आ रही हो, लेकिन हुज़ूर की महफ़िल की रूहानी ख़ुशी... उसे सिर्फ़ तर्कों के परदे से नहीं रोका जा सकता।
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