बे-सब्र न हो ऐ 'वली' इस दर्द सूँ हरगिज़ — वली दकनी
“Do not lose patience, O Wali, with this pain at all; burning in your anguish, I shall speak unto the cure.”
अर्थ
ऐ वली, इस दर्द से बिल्कुल भी अधीर मत हो। मैं तुम्हारे दर्द में जल रहा हूँ और इसका हाल इसके इलाज से कहूँगा।
विस्तार
वली यहाँ अपने ही दिल को तसल्ली देते हुए समझाते हैं कि मोहब्बत के इस दर्द से घबराकर कभी सब्र मत खोना। इश्क़ की आग में जलना कोई सज़ा नहीं, बल्कि दिल को तपाकर कुंदन बनाने वाली एक रूहानी आज़माइश है। वे कहते हैं कि मैं इस जलन को सहते हुए सीधे 'दरमाँ' यानी इलाज से जाकर बात करूँगा, जो यह खूबसूरत पैग़ाम देता है कि सच्चा आशिक़ दर्द से भागता नहीं बल्कि पूरे वक़ार से उसका सामना करता है।
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