बेकसी के हाल में यक आन मैं तन्हा नहीं — वली दकनी

बेकसी के हाल में यक आन मैं तन्हा नहीं ग़म तिरा सीने में मेरे हमदम-ए-जानी हुआ

“In this state of utter helplessness, not for an instant am I alone; your sorrow within my breast has become my soul's dearest companion.”

— वली दकनी

अर्थ

बेबसी की इस हालत में मैं एक पल के लिए भी अकेला नहीं हूँ, क्योंकि मेरे सीने में मौजूद तुम्हारा ग़म मेरा जिगरी साथी बन गया है।

विस्तार

इस शेर में शायर तन्हाई और लाचारी के दर्द को एक बेहद खूबसूरत मोड़ देता है। दुनिया भले ही साथ छोड़ दे, लेकिन महबूब का दिया हुआ ग़म कभी जुदा नहीं होता; वह दिल में एक सच्चे और वफ़ादार दोस्त की तरह हमेशा मौजूद रहता है। यह दर्द अब कोई अज़ाब नहीं, बल्कि अकेलापन दूर करने वाला एक गहरा और आत्मीय सहारा बन चुका है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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