शग़्ल बेहतर है इश्क़-बाज़ी का — वली दकनी

शग़्ल बेहतर है इश्क़-बाज़ी का क्या हक़ीक़ी ओ क्या मजाज़ी का

“The finest of all pursuits is the game of love—whether it be sacred and divine, or earthly and fleeting.”

— वली दकनी

अर्थ

इश्क़ में लीन रहना सबसे अच्छा काम या शग़्ल है, चाहे वह ईश्वर से हो (हक़ीक़ी) या फिर किसी इंसान से (मजाज़ी)।

विस्तार

शायर यहाँ बड़ी सादगी से कहते हैं कि ज़िंदगी में वक़्त गुज़ारने और दिल लगाने के लिए इश्क़ से बेहतर कोई दूसरा काम नहीं है। फिर चाहे यह इश्क़ खुदा की ज़ात से हो (हक़ीक़ी) या किसी इंसान से (मजाज़ी), इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। असल बात तो दिल में मोहब्बत का दीया जलाए रखना है, क्योंकि यही जज़्बा इंसान को बे-हिसी से बचाकर उसकी रूह को ज़िंदा रखता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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