हुआ मालूम तुझ ज़ुल्फ़ाँ सूँ ऐ शोख़ कि शाह-ए-हुस्न पर ज़िल्ल-ए-हुमा है

“From your flowing tresses I came to know, O playful one, that upon beauty's sovereign rests the auspicious shadow of the Huma.”

— वली दकनी
अर्थ

ऐ शोख़ महबूब, तुम्हारी ज़ुल्फ़ों को देखकर यह मालूम हुआ कि हुस्न के बादशाह पर हुमा परिंदे का मुबारक साया है।

विस्तार

इस शे'र में शायर अपने महबूब की शोख़ी और उसकी ज़ुल्फ़ों की तारीफ़ बड़े ही दिलकश अंदाज़ में कर रहा है। रिवायत है कि हुमा नाम के परिंदे का साया जिस पर पड़ जाए, वह बादशाह बन जाता है। महबूब के चेहरे पर लहराती काली ज़ुल्फ़ों को देखकर शायर कहता है कि यह सिर्फ़ बाल नहीं, बल्कि हुमा का मुबारक़ साया है—जिसने साबित कर दिया है कि तुम ही हुस्न की दुनिया के बेताज बादशाह हो।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.