मुजको लगता है ऐ परी-पैकर आज तेरा जमाल कुछ का कुछ

“To me it seems, O angel-bodied grace, today your beauty shines transformed, an altered face.”

— वली दकनी
अर्थ

हे परी जैसे रूप वाले महबूब, मुझे ऐसा लगता है कि आज तुम्हारा सौंदर्य कुछ बदला हुआ और बिल्कुल अलग ही नजर आ रहा है।

विस्तार

शायर अपनी महबूबा को 'परी-पैकर' यानी परी जैसे हसीन वजूद वाली कहकर पुकारता है और कहता है कि आज उसका हुस्न कुछ बदला-बदला सा लग रहा है। 'कुछ का कुछ' का यह एहसास महबूब के चेहरे पर आई किसी अनोखी चमक, नज़ाकत या नई कशिश को बयां करता है। इश्क़ में जब महबूब का हर रोज़ देखा जाने वाला चेहरा भी किसी अनकहे राज़ या जज़्बे की वजह से पहले से कहीं ज़्यादा दिलकश लगे, यह शेर उसी मीठी हैरानी का इज़हार है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.