मन पछितैहै अवसर बीते । दुर्लभ देह पाइ हरिपद भजु करम बचन अरु ही ते ॥

“The mind shall grieve once this fleeting chance is gone; having won this rare human form, revere the Lord's feet through deed, word, and heart alone.”

— तुलसीदास
अर्थ

समय बीत जाने पर यह मन पछताएगा। इसलिए इस दुर्लभ मानव शरीर को पाकर कर्म, वचन और हृदय से भगवान के चरणों का भजन करो।

विस्तार

संत तुलसीदास जी इस दोहे में समझाते हैं कि जब यह अनमोल समय बीत जाएगा, तब मन सिर्फ पछतावे से भर जाएगा। मानव जीवन बहुत दुर्लभ है, जो बार-बार नहीं मिलता। इसलिए इस सुनहरे अवसर को व्यर्थ मत जाने दीजिए। अपने कर्म, अपनी वाणी और अपने सच्चे दिल से प्रभु के चरणों का ध्यान कीजिए और अच्छे काम कीजिए। जब हमारे विचार, बोल और आचरण एक साथ मिलकर भलाई और प्रेम की राह पर चलते हैं, तभी यह जीवन सार्थक होता है। समय रहते जागिए और अपने हर पल को ईश्वर की भक्ति और सेवा में लगाइए।

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मन पछितैहै अवसर बीते । | Sukhan AI