कृपा-डोरि, बंसी-पद-अंकुस, परम प्रेम-मृदु-चारो । हिय बिधि बेधि हरहु मेरो दुख, कौतुक राम तिहारो ॥

“With the thread of grace, the hook of Your holy feet, and supreme love as tender bait, pierce through my heart and take away my sorrow—for O Rama, it is merely child's play to You.”

— तुलसीदास
अर्थ

हे राम! अपनी कृपा की डोरी, चरण रूपी कांटे और परम प्रेम के कोमल चारे से मेरे हृदय को बींधकर मेरे दुख को हर लीजिए, क्योंकि यह तो आपके लिए बस एक कौतुक (खेल) है।

विस्तार

इस पद में भक्त बड़े ही भावपूर्ण ढंग से प्रभु श्री राम के चरणों में अपना सर्वस्व सौंपता है। वह कहता है कि हे राम, आपकी असीम कृपा एक डोरी है, आपके चरण कमल अंकुश हैं, और आपका दिव्य प्रेम एक मधुर चारा है। प्रभु, इस प्रेम रूपी चारे से आप मेरे चंचल हृदय को अपनी ओर खींच लीजिए और सांसारिक दुखों को सदा के लिए हर लीजिए। जिस मन को वश में करना हमारे लिए असंभव लगता है, उसका उद्धार करना आपके लिए मात्र एक सहज खेल या कौतुक है। यह पद ईश्वर की सहज दया और भक्त के निश्छल समर्पण का बड़ा ही मनोहारी और शांत संदेश देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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