“You repeatedly feed me raw milk, giving neither butter nor bread; Surdas prays, long live the two brothers, the divine pair of Hari and Haladhar.”
तुम मुझे बार-बार कच्चा दूध पिलाती हो और माखन-रोटी नहीं देतीं; सूरदास कहते हैं कि कृष्ण और बलराम (हरि और हलधर) दोनों भाइयों की जोड़ी दीर्घायु हो।
सूरदास जी के इस सुंदर पद में बालकृष्ण अपनी मैया यशोदा से भोला-भाला उलाहना दे रहे हैं। वे शिकायत करते हैं कि मैया, तुम मुझे बार-बार कच्चा दूध तो पिला देती हो, लेकिन मेरी पसंद की माखन-रोटी कभी नहीं देती। कान्हा की इस बालसुलभ और प्यारी नोकझोंक को सुनकर यशोदा जी का दिल प्यार से भर जाता है। अंत में सूरदास जी कृष्ण और बलराम, यानी हरि और हलधर की इस अनुपम जोड़ी की लंबी उम्र की मंगल कामना करते हैं। यह पद वात्सल्य प्रेम की मिठास और बचपन की सरलता को खूबसूरती से दर्शाता है।
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