“"What could I have stolen of yours? Come, let us pair up and play!" Surdas says: The Lord, the crest-jewel of charmers, thus beguiled the innocent Radha with his sweet words.”
श्रीकृष्ण कहते हैं कि भला हम आपका क्या चुरा लेंगे, आओ साथ मिलकर जोड़ी बनाकर खेलने चलें। सूरदास कहते हैं कि रसिकों के शिरोमणि प्रभु ने अपनी मीठी बातों से भोली-भाली राधिका को बहला लिया।
इस सुंदर पद में सूरदास जी श्रीकृष्ण और राधा के बालपन का बड़ा ही मनमोहक वर्णन करते हैं। कन्हैया बड़े स्नेह से राधा जी से कहते हैं कि भला हम आपका क्या चुरा लेंगे, संकोच छोड़कर हमारे साथ जोड़ी बनाकर खेलने चलिए। सूरदास जी कहते हैं कि रसिकों के शिरोमणि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी मीठी और भोली बातों से सरल हृदय वाली राधिका का मन मोह लिया। यह पद दोनों के बीच की निश्चल प्रीत, बाल सुलभ चंचलता और आपसी अपनत्व को बहुत ही सहजता से दर्शाता है।
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