“It fell not into the snare of the covetous hunter, for this falcon is loyal to its own lofty nest.”
यह बाज़ किसी लालची शिकारी के जाल में नहीं फँसा, क्योंकि यह अपने ही आशियाने का वफ़ादार है।
यहाँ शायर सच्चे प्रेमी या पाकीज़ा रूह की तुलना एक ऐसे आज़ाद बाज़ से कर रहे हैं, जो किसी मतलबी शिकारी के लालच भरे जाल में नहीं फँसता। दुनिया के ओछे आकर्षण और झूठी हवस उसे बहकाने की कितनी भी कोशिश करें, मगर वह अपने ऊँचे आशियाने और गरिमा को नहीं भूलता। यह शेर बड़ी सादगी से सिखाता है कि जिनका ज़मीर बुलंद होता है, वे कभी सस्ती इच्छाओं के ग़ुलाम नहीं बनते।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
