“To my eyes, all perfection belongs solely to Him; Who fashioned you fairest among all the fair.”
मुझे तो केवल उस ईश्वर की ही खूबी दिखाई देती है, जिसने तुम्हें सभी सुंदर लोगों में सबसे अधिक सुंदर बनाया है।
इस शेर में शायर अपने महबूब की तारीफ़ करते हुए सीधे उस खुदा की कारीगरी तक पहुँच जाता है जिसने यह नायाब हुस्न तराशा है। वह कहता है कि जब मैं तुम्हारी बेमिसाल खूबसूरती को देखता हूँ, तो मुझे उसमें सिर्फ उस परवरदिगार का कमाल नज़र आता है जिसने तुम्हें हुस्न वालों में भी सबसे जुदा बनाया। यह महबूब के चेहरे में खुदा के नूर का दीदार करने जैसा एक गहरा और रूहानी एहसास है।
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