मयकदा में जो बैठ कर पीता है मस्ती का नशा और हवा

“For him who sits and drinks within the tavern's sway, / An intoxicating breeze of pure ecstasy leads the way.”

— शाह तुराब अली क़लंदर
अर्थ

जो व्यक्ति मयकदे में बैठकर शराब पीता है, उसके लिए मस्ती का नशा और वहाँ का माहौल बिल्कुल अलग ही होता है।

विस्तार

यह शेर उस ख़ास अहसास को बयां करता है जो किसी महफ़िल या इश्क़ में पूरी तरह डूब जाने से मिलता है। मयकदा यहाँ महज़ शराब पीने की जगह नहीं, बल्कि दुनियावी फ़िक्रों से आज़ाद होकर सुकून पाने का एक रूहानी ठिकाना है। शायर कहता है कि जो यहाँ तसल्ली से बैठकर इसका लुत्फ़ लेता है, उसके लिए नशा सिर्फ़ प्याले तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वहाँ की फ़ज़ा और हवा भी एक अनोखी मस्ती और सुरूर में ढल जाती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.