गवाह कौन मिरे क़त्ल का हो महशर में अभी से सारा ज़माना है तेग़-ज़न की तरफ़

“Who will bear witness to my murder on the Day of Reckoning, when already the entire world sides with the swordsman?”

— नज़्म तबातबाई
अर्थ

क़यामत के दिन मेरे क़त्ल की गवाही कौन देगा, जब अभी से ही पूरी दुनिया तलवार चलाने वाले यानी क़ातिल के पक्ष में है।

विस्तार

यह शेर उस बेबसी और अकेलेपन की दर्दभरी तस्वीर है जहाँ ताक़तवर के आगे सच का साथ देने वाला कोई नहीं बचता। शायर सोचता है कि रोज़-ए-महशर यानी क़यामत के दिन उसके क़त्ल की गवाही कौन देगा, जब पूरी दुनिया अभी से ही तलवार चलाने वाले ज़ालिम के क़दमों में झुकी हुई है। यह सिर्फ़ आशिक़ की लाचारी नहीं, बल्कि समाज की उस कड़वी हक़ीक़त का बयान है जहाँ लोग हमेशा कमज़ोर के बजाय ताक़तवर की तरफ़दारी करते हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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