ब'अद मेरे न रहा इश्क़ की मंज़िल का निशाँ
मिट गए राह-रौ ओ राहगुज़र दोनों साथ
“After me, no sign remained of love's destination; wiped out together were both the wayfarer and the way.”
— नज़्म तबातबाई
अर्थ
मेरे बाद इश्क़ की मंज़िल का कोई निशान बाकी न रहा; मुसाफ़िर और रास्ता दोनों एक साथ मिट गए।
विस्तार
यहाँ शायर अपने इश्क़ की शिद्दत और उसके वजूद की गहराई बयाँ कर रहा है। उसका कहना है कि प्यार का रास्ता कोई आम डगर नहीं था, बल्कि वह उसके अपने चलने से ही आबाद था। जब आशिक़ ही इस दुनिया से रुख़सत हो गया, तो उसके साथ वह रास्ता और मंज़िल का हर निशाँ भी मिट गया—जैसे मोहब्बत की पूरी कायनात बस उसी के दम से क़ायम थी।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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