जहाँ में वाशुद-ए-ख़ातिर के सामाँ हो गए लाशे जगह राहत की ना-मुम्किन हुई है ला-मकाँ हो कर

“In this world, all means to cheer the heart have turned to lifeless clay; / A place of peace grew impossible to find, having passed beyond all space away.”

— नज़्म तबातबाई
अर्थ

इस दुनिया में दिल को बहलाने और खुश करने के सारे साधन लाश बन चुके हैं, और चैन-ओ-सुकून की जगह स्थान-रहित (ला-मकां) होकर बिल्कुल नामुमकिन हो गई है।

विस्तार

यह शेर गहरे रंज और नाउम्मीदी की एक दर्दनाक तस्वीर खींचता है। शायर कहता है कि दिल को बहलाने और सुकून देने वाली सारी चीज़ें अब बेजान लाशों की तरह हो चुकी हैं, जिनसे कोई उम्मीद नहीं बची। दुनिया में आराम और चैन की जगह तलाशना अब नामुमकिन हो गया है, क्योंकि सुकून इस भौतिक संसार से रुख़सत होकर 'ला-मकां' यानी किसी अनदेखी दुनिया में जा छुपा है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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