कहा कि रूठे हो क्यों हमसे क्या सबब इसका — नज़ीर अकबराबादी

कहा कि रूठे हो क्यों हमसे क्या सबब इसका कहा सबब है यही तुम जो दिल छुपाते हो

“I asked: Why are you cross with me, what is the cause of this? You said: The cause is just this—that you hide your heart from me.”

— नज़ीर अकबराबादी

अर्थ

मैंने पूछा कि तुम मुझसे क्यों रूठे हो, इसका क्या कारण है? तुमने कहा कि कारण यही है कि तुम अपने दिल को मुझसे छिपाते हो।

विस्तार

यह शेर दो लोगों के बीच की एक प्यारी-सी बातचीत है। एक पूछता है, तुम मुझसे नाराज़ क्यों हो, इसकी वजह क्या है? दूसरा जवाब देता है, वजह बस यही है कि तुम अपना दिल मुझसे छुपाते हो। यानी रूठने की असली वजह है खुलकर बात न करना। जब तुम अपने सच्चे जज़्बात नहीं बताते, जब तुम अपनी भावनाएँ छुपाकर रखते हो, तो यही दूरी दिल में तकलीफ़ पैदा करती है। शायर हमें नरमी से याद दिलाता है कि नज़दीकियाँ ईमानदारी से बढ़ती हैं। मोहब्बत सिर्फ़ किसी के पास होना नहीं, बल्कि उसे अपने दिल में जगह देना है। छुपा हुआ दिल, चाहे कितना भी प्यार करता हो, चुपके से एक हल्की-सी कसक पैदा कर देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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