अपना वो ख़ुश-लिबास बसंती दिखा नज़ीर — नज़ीर अकबराबादी
“Show off, Nazir, that fine saffron-hued attire of yours; How brilliantly the beloved's beauty has made the springtime gleam.”
अर्थ
ऐ नज़ीर, अपना वह सुंदर बसंती रंग का पहनावा दिखाओ; देखो, प्रियतम के हुस्न ने बसंत को कितना चमका दिया है।
विस्तार
इस शेर में कवि नज़ीर बसंत के उत्सव का दृश्य खींचते हैं, जब लोग पीले रंग के सुंदर वस्त्र पहनकर ऋतु का स्वागत करते हैं। वे खुद से कहते हैं कि अपना वह ख़ुशनुमा बसंती लिबास दिखाओ। फिर वे हैरानी से कहते हैं कि उनके प्रियतम के हुस्न ने बसंत को कितना चमका दिया। महबूब की सुंदरता ने पूरे उत्सव में ऐसी रौनक भर दी कि वह पीले फूलों और चारों ओर बिखरे रंगों से भी बढ़कर जगमगा उठा। यह प्रेम और उल्लास का कोमल पल है, जहाँ ऋतु की असली चमक फूलों से नहीं, बल्कि प्रिय की उपस्थिति से आती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
