गर इश्क़ के कूचे में गुज़र कीजिए तो वां भी — नज़ीर अकबराबादी
“Should you but pass through the lane of love, there too at every moment a fresh walk, at each instant a new spectacle awaits you.”
अर्थ
अगर तुम इश्क़ की गली से गुज़रो, तो वहाँ भी हर पल एक नई सैर और हर क्षण एक नया तमाशा देखने को मिलता है।
विस्तार
शायर हमें इश्क़ की गली से गुज़रने का न्योता देता है। वह कहता है कि अगर आप प्रेम के इस रास्ते पर चलें, तो वहाँ भी हर पल कुछ नया देखने को मिलता है। हर वक़्त एक ताज़ा नज़ारा है, और हर लम्हे एक नया तमाशा सामने आता है। इश्क़ कभी ठहरता नहीं, कभी बोझिल नहीं होता। वह बदलता रहता है और हर मोड़ पर नई हैरानी देता है। प्रेम की राह खाली नहीं, बल्कि जीवन और सुंदरता से भरी है। अगर आप इसमें क़दम रखने की हिम्मत करें, तो हर कदम पर अनगिनत अजूबे आपका इंतज़ार करेंगे।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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