“On the mountain's peak, peacocks and cuckoos reside,Sweet calls they make, with voices blessed and long and wide.”
पर्वत की चोटी पर मोर और कोयल रहते हैं। वे अपनी धन्य और लंबी आवाज में मधुर स्वर करते हैं।
यह सुंदर दोहा प्रकृति के अद्भुत सामंजस्य का चित्रण करता है। यह बताता है कि पर्वत की चोटी पर, शायद किसी आम के पेड़ पर, मोर और कोयल बैठे हैं। वहाँ से वे अपनी मधुर और मनमोहक आवाज़ें निकाल रहे हैं। उनकी ये आवाज़ें केवल मीठी ही नहीं, बल्कि लंबी और धन्य भी हैं, जो पूरे वातावरण को एक दिव्य शांति से भर देती हैं। यह हमें प्रकृति के सरल और शुद्ध संगीत में मिलने वाले आनंद और शांति की याद दिलाता है। यह प्राकृतिक संगीत और इन प्यारे पक्षियों के अपने आवास में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का एक उत्सव है।
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