“When clouds are driven sideways by strong winds, observed from on high,They look like rising dust, or a dense smoke-plume passing by.”
जब बादलों को ऊपर से देखा जाता है और वे तेज़ हवाओं से अगल-बगल धकेले जाते हैं, तो वे उड़ती धूल या धुएँ के गुबार जैसे लगते हैं।
यह सुंदर दोहा बादलों का एक अनूठा और सजीव चित्रण प्रस्तुत करता है। कल्पना कीजिए आप ऊँचाई पर हैं, शायद किसी पहाड़ पर या हवाई जहाज में, और बादलों को ऊपर से देख रहे हैं। जब तेज़ हवाएँ इन बादलों को एक तरफ धकेलती हैं, तो वे अब रुई के फाहे जैसे नहीं दिखते। इसके बजाय, उनका रूप बदल जाता है। कवि कहते हैं कि वे ऐसे लगते हैं जैसे धूल उड़ रही हो, या फिर किसी घने धुएँ के गुबार जैसे प्रतीत होते हैं। यह एक अद्भुत अवलोकन है, जो दर्शाता है कि कैसे हमारा देखने का नज़रिया जानी-पहचानी चीज़ों को भी पूरी तरह से अलग और आश्चर्यजनक बना देता है।
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