हाय सनम हाय सनम लब पे क्यूँ — मोमिन ख़ाँ मोमिन
“"Alas, beloved! Alas, beloved!" — why upon your lips these words? O pious Momin, tell me, what has come over you?”
अर्थ
"हाय सनम, हाय सनम" — ये शब्द तुम्हारे होंठों पर क्यों हैं? ऐ धर्मपरायण मोमिन, तुम्हें आख़िर क्या हो गया है?
विस्तार
यहाँ शायर प्यार भरे अंदाज़ में उस भक्त इंसान को छेड़ रहा है। क्यों तुम्हारे होंठों पर बार-बार 'हाय सनम, हाय सनम' के बोल आ रहे हैं? तुम, जो अपनी पवित्रता और आस्था के लिए जाने जाते थे, तुम्हें अचानक क्या हो गया? यह एक नरम, खिलंदड़ा सा इशारा है कि सबसे धार्मिक दिल भी मोहब्बत में बह सकता है। लहजा कोमल है, हल्की मुस्कान के साथ, यह बताता है कि इश्क़ हर किसी को नरम कर देता है, चाहे उसकी भक्ति कितनी भी मज़बूत क्यों न रही हो। मोहब्बत तब आती है जब हम उसकी उम्मीद नहीं करते।
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