मत पूछ कि किस वास्ते चुप लग गई ज़ालिम — मोमिन ख़ाँ मोमिन

मत पूछ कि किस वास्ते चुप लग गई ज़ालिम बस क्या कहूँ मैं क्या है कि मैं कुछ नहीं कहता

“Ask not, O cruel one, for what cause silence fell upon me; What can I even say—such is my state that I say nothing at all.”

— मोमिन ख़ाँ मोमिन

अर्थ

मत पूछो कि ऐ ज़ालिम, किस वजह से मुझ पर चुप्पी छा गई। मैं क्या कहूँ, मेरा हाल ऐसा है कि मैं कुछ भी नहीं कहता।

विस्तार

शायर अपने प्रिय से प्यार से कहता है, मुझसे मत पूछो कि मैं अचानक चुप क्यों हो गया हूँ। दिल में एक भारीपन है, एक ऐसा एहसास जो इतना गहरा है कि शब्द साथ नहीं देते। कभी-कभी हमारी भावनाएँ इतनी बड़ी या इतनी कोमल होती हैं कि उन्हें कहा ही नहीं जा सकता। वह रूठा या दूर नहीं है, बस कुछ बातें बयान नहीं हो पातीं। उसकी खामोशी ही उसका जवाब है। जब दिल भरा होता है, तो ज़ुबान अक्सर रुक जाती है। इसलिए समझाने के बजाय वह चुपचाप कहता है, मैं क्या कहूँ, कहने को कुछ है ही नहीं। इसी खामोशी में उसका सारा एहसास छिपा है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.