हर वक़्त है दुश्नाम हर एक बात में ताना — मोमिन ख़ाँ मोमिन

हर वक़्त है दुश्नाम हर एक बात में ताना फिर इस पे यही कहता है कि मैं कुछ नहीं कहता

“At every moment, insults—in each word, a taunt he throws, And then on top of this he says, 'I say nothing at all,' he goes.”

— मोमिन ख़ाँ मोमिन

अर्थ

हर समय गालियाँ देता है और हर बात में ताना मारता है, फिर इसके ऊपर यही कहता है कि मैं तो कुछ कहता ही नहीं।

विस्तार

इस शेर में शायर किसी के बर्ताव की हल्की-सी शिकायत कर रहे हैं। हर वक़्त गाली-गलौज है, और हर एक बात में एक छुपा हुआ ताना है। वह इंसान लगातार अपनी बातों से दिल दुखाता रहता है। मगर इतना सब करने के बाद वह मासूमियत से यही कहता है कि मैंने तो कुछ कहा ही नहीं। यह शेर एक बहुत ही आम इंसानी तकलीफ़ को पकड़ता है, जिसे हम सब पहचानते हैं। कोई आपको बार-बार नीचा दिखाता है, फिर भी अपनी ग़लती मानने से इनकार कर देता है। इन पंक्तियों में एक हल्की-सी तंज़ और थकी हुई मुस्कान छुपी है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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