चारा-जू और भी चारागरी गा नगरी — मोमिन ख़ाँ मोमिन
“The healer will seek still more remedies, O city of wounds, When the veil of mischief becomes a patch stitched to the collar's torn seam.”
अर्थ
चारासाज़ और भी इलाज तलाश करेगा, ऐ ज़ख़्मों की नगरी, जब शोख़ी का पर्दा फटे हुए गरेबान का पैवन्द बन जाएगा।
विस्तार
यह शेर इलाज और दीवानगी के बीच खेलता है। शायर कल्पना करता है कि जो चारागर उसे ठीक करने आएगा, वह और भी ज़्यादा कोशिश करता रहेगा। क्यों? क्योंकि फटा हुआ गरेबान, जो इश्क़ में दीवाने आशिक़ की पहचान है, बार-बार उस शोख़ पर्दे से सिल दिया जाता है। मतलब यह कि जब-जब चारागर दिल को जोड़ता है, इश्क़ उसे फिर चीर देता है। इलाज कभी ख़त्म नहीं होता, क्योंकि चाहत का बेचैन जज़्बा थमता ही नहीं। यहाँ एक नरम हास्य है, और इतने गहरे इश्क़ पर चुपके से गर्व भी, जिसे कोई दवा सच में क़ाबू नहीं कर सकती।
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