आग अश्क-ए-गर्म को लगी जी क्या ही जल गया — मोमिन ख़ाँ मोमिन
“My hot tears caught fire—oh, how my heart was burned away; I tried to wipe those tears that night, yet my hand slipped astray”
अर्थ
गर्म आँसुओं में आग लग गई और दिल पूरी तरह जल गया; रात को जब उन आँसुओं को पोंछना चाहा तो हाथ फिसल गया।
विस्तार
इस शेर में शायर अपने गहरे दुख को बहुत मार्मिक ढंग से दिखाते हैं। उनके आँसू इतने गरम हैं कि उनमें आग लग जाती है, और उस आग में उनका दिल पूरी तरह जल जाता है। फिर रात के सन्नाटे में, जब वे उन जलते आँसुओं को पोंछना चाहते हैं, तो उनका हाथ फिसल जाता है। यह पल इतना कोमल और दर्द भरा है कि चैन देने की सामान्य कोशिश भी नामुमकिन हो जाती है। यह बताता है कि गहरा दर्द इंसान को कैसे बेबस कर देता है, आँसू आग जैसे लगने लगते हैं और दिल झुलस जाता है। रात की तन्हाई में अपने ही हाथ से भी वह गम सँभाला नहीं जाता।
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