“How can the heart, fragile as a bird, break a mountain, When love has tested it with intense hardship?”
कोहकन (कमजोर हृदय) से यह कैसे उम्मीद की जा सकती है कि वह पहाड़ को तोड़ेगा, जब प्रेम ने पहले ही उसे इतनी ज़ोर-आज़माई से गुज़राया है।
यह शेर इश्क़ की उस अकल्पनीय ताक़त को बयां करता है, जो किसी भी प्राकृतिक शक्ति से ज़्यादा बड़ी होती है। शायर पूछते हैं कि एक नदिया (कोहकन) भला पहाड़ कैसे तोड़ेगी? लेकिन जवाब है कि इश्क़ ने तो इंसान के सब्र और हिम्मत की परीक्षा ली है। यह दिखाता है कि मोहब्बत का एहसास कितना गहरा और ज़ोरदार होता है, कि वह प्रकृति के नियमों को भी चुनौती देता है।
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