खुले सीने के दाग़ों पर ठहर रहते हैं कुछ आँसू
चमन में महर-वरज़ी के गुल-ओ-शबनम हैं ये दोनों
“Upon the scars of an open heart, some tears reside, For these two are the garden's blooms and dewdrops, side by side.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
खुले सीने के दाग़ों पर कुछ आँसू टिके रहते हैं, जैसे चमन में महक-वरज़ी के फूल और ओस की बूँदें।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर ने इंसानी जज़्बातों की गहराई को बयान किया है। शायर कहते हैं कि खुले सीने पर जो दाग़ हैं, उन पर कुछ आँसू ठहरते हैं। और ये आँसू ही, और चमन की महर-वरज़ी, ये दोनों मिलकर क्या हैं? ये हैं दिल में बसे हुए प्यार के फूल और ओस की बूँदें। यह एहसास दिलाता है कि दर्द और खूबसूरती एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
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