हैं सैद-गह के मेरी सय्याद क्या न धड़के
कहते हैं सैद जो है बे-जान है हमारा
“If the Said-Gah's (place of the Said) is mine, why doesn't my Sayyad beat? They say that our Said is lifeless.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अगर सैद-गह (सैद का स्थान) मेरा है, तो मेरी सय्याद (सैद) दिल क्यों नहीं धड़कता? वे कहते हैं कि हमारा सैद बेजान है।
विस्तार
यह शेर पाखंड और दिखावटी धर्म पर एक तीखा प्रहार है। शायर मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति खुद को धर्म का पाबंद या संतों जैसा बताता है, तो भी उसका दिल झूठ नहीं बोलता। चाहे वो दावा करे कि उसका दिल बेजान है, लेकिन उसका धड़कना ही उसकी सच्ची, ज़िंदा भावना को उजागर कर देता है।
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