फ़ित्ना दर-सर बुतान-ए-हश्र-ए-ख़िराम
हाए रे किस ठसक से चलते हैं
“At the gate of the turmoil, the garden of the Great Gathering, Oh, how gracefully they walk.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
फ़ित्ना के द्वार पर, हश्र के ख़िराम के बाग में, वे किस नज़ाकत से चलते हैं।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर का एक बहुत गहरा सवाल है। शायर यहाँ हमें दुनिया के नश्वर जीवन से उठाकर, क़यामत के दिन के नज़ारे दिखा रहे हैं। वह पूछते हैं कि उस विशाल, भयानक और खूबसूरत मंज़र में इंसान किस स्रोत से चलेगा? यह सिर्फ़ एक सवाल नहीं है, बल्कि रूह की तन्हा गुफ़्तगू है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन का हर कदम... किसी न किसी इल्म से जुड़ा है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
