हर सुब्ह मेरे सर पर इक हादिसा नया है
पैवंद हो ज़मीं का शेवा इस आसमाँ का
“Every morning there is a new incident upon my head, May the earth's curtain and the sky's curtain be curtained.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हर सुबह मेरे सिर पर कोई नया घटनाक्रम होता है, काश ज़मीन और आसमान दोनों का पर्दा गिर जाए।
विस्तार
यह शेर जीवन के उतार-चढ़ावों और अनिश्चितता को बहुत खूबसूरती से बयां करता है। शायर कहते हैं कि हर सुबह एक नया तमाशा, एक नया हादसा है। ज़मीन का शेवा और आसमाँ का शेवा... यह दो तलवारें बताती हैं कि जीवन में संघर्ष कितना गहरा है। यह सिर्फ़ दुनिया की नहीं, बल्कि किस्मत और नियति के बड़े टकराव की बात है।
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