ले झाड़ू टोकरा ही आता है सुबह होते
जारूब-कश मगर है ख़ुर्शीद उस के हाँ का
“The broom basket arrives at dawn,”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
सुबह होते ले झाड़ू टोकरा आता है, लेकिन उस के हाँ का सूरज है ख़ुर्शीद।
विस्तार
यह शेर बहुत गहरा है। शायर कहते हैं कि यह शख्स सुबह-सुबह झाड़ू लेकर आता है, ये दिखाता है कि उसकी ज़िंदगी में सादगी और मामूली काम हैं। लेकिन.... दूसरी लाइन में जो बात कही गई है, वो सब कुछ बदल देती है! वो राख इकट्ठा करता है, मगर सूरज तो उसी के है। मतलब, उसकी हैसियत से कोई फर्क नहीं पड़ता, उसकी चमक, उसका नूर सबसे बड़ा है।
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