सज्दा करें हैं सुन कर औबाश सारे उस को — मीर तक़ी मीर
“To praise the one who hears all the complaints, That dear Imam Baanka will always be revered.”
अर्थ
यह शेर कहता है कि जो व्यक्ति सभी शिकायतों को सुनता है, उसकी स्तुति करना चाहिए। ऐसे में, प्यारे इमाम बाँका का नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा।
विस्तार
ये शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर की इबादत और इल्म-ए-फ़ना (अस्तित्व से विलीन हो जाने) पर एक गहरी सोच है। शायर कहते हैं कि बस किसी की 'औबाश' (तारीफ़ या आवाज़) सुनकर ही दिल का सर झुका देना काफी है। यह शेर बताता है कि सच्ची इबादत सिर्फ़ रस्म नहीं है, बल्कि एक रूहानी एहसास है, एक गहरा समर्पण है जो किसी प्यारे वजूद के सामने होता है।
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