कुछ ख़लल राह में हुआ ऐ 'मीर' — मीर तक़ी मीर
“Some disruption happened on the path, O Meer, / When did the name-letter take away the message?”
अर्थ
कुछ गड़बड़ी रास्ते में हो गई, ऐ मीर। नाम-बर कब से मेरा ख़त लेकर चला गया?
विस्तार
यह शेर सिर्फ एक खत की बात नहीं करता, बल्कि दिल की उस बेचैनी को बयान करता है जो इंतज़ार में होती है। शायर कहते हैं कि राह में ही कोई ख़लल है... मानो ज़िंदगी की राह ही रुक गई हो। ख़त का बार-बार ले जाया जाना, यह बताता है कि उम्मीदें भी कब से भटक रही हैं। यह एहसास है कि किसी से बात करने की ज़रूरत है, पर वो बात कभी पूरी नहीं हो पाएगी! एक गहरी तन्हाई का अहसास है इसमें।
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ऑडियो
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