ख़ून से मेरे हुई यक-दम ख़ुशी तुम को तो लेक
मुफ़्त में जाता रहा जी एक बे-तक़सीर का
“With my blood, I found such joy, taking you away, / My heart went freely, without any measure or fear.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे खून से मुझे इतनी खुशी मिली, तुम को ले जाते हुए, कि मेरा दिल बिना किसी माप या फ़िक्र के बहता रहा।
विस्तार
यह शेर मोहब्बत की उस दर्दनाक सच्चाई को बयान करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि मेरे अपने खून से जो ख़ुशी मिली.... वह ख़ुशी मैं तुम्हें मुफ़्त में दे सकता हूँ। यह समर्पण का एक गहरा भाव है, जहाँ शायर अपने दर्द को भी महबूब के नाम कर देता है। यह बताना कि उसका दर्द भी एक अनमोल तोहफ़ा है!
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