किस तरह से मानिए यारो कि ये आशिक़ नहीं
रंग उड़ा जाता है टक चेहरा तो देखो 'मीर' का
“How should I convince you, friends, that I am not a lover? Look at the face of 'Mir', whose color is blown away.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यारों, आप लोग कैसे मानेंगे कि मैं आशिक़ नहीं हूँ? मेरे चेहरे का रंग देखो, 'मीर' का।
विस्तार
इस शेर में शायर एक बहुत गहरा एहसास बयान कर रहे हैं। वो कह रहे हैं कि मेरे दोस्तों, आप यह कैसे मानेंगे कि मैं आशिक़ नहीं हूँ? उनका कहना है कि जो इश्क़ का रंग है, वो चेहरे पर ऐसे झलक रहा है... कि इसे छुपाना नामुमकिन है। यह इकरार है, एक नज़्म के ज़रिए जो दिल की बात कह जाता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev12 / 12
