Sukhan AI
तमाम-उम्र रहें ख़ाक ज़ेर-ए-पा उस की जो ज़ोर कुछ चले हम इज्ज़ दस्त-गाहों का

May I remain forever in the dust beneath his feet, who gave us the strength to defend our honor.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

तमाम जीवन उसके चरणों की धूल बनकर रहना चाहता हूँ, जिसने हमें अपनी इज़्ज़त की रक्षा करने की शक्ति दी।

विस्तार

यह शेर समर्पण की पराकाष्ठा है। शायर कहते हैं कि मेरा सम्मान, मेरी इज़्ज़त... ये सब कुछ दाँव पर लगा देने को मैं तैयार हूँ। क्यों? सिर्फ इसलिए, कि मैं आपके चरणों की धूल बनकर रहना चाहता हूँ। यह प्रेम की वो हद है, जहाँ आत्म-सम्मान भी महबूब की एक झलक के सामने फीका पड़ जाता है। एक ऐसा समर्पण जो सिर्फ़ प्रेम में मिलता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.