गली में उस की फटे कपड़ों पर मिरे मत जा
लिबास-ए-फ़क़्र है वाँ फ़ख़्र बादशाहों का
“Do not go to her on those torn clothes in the street; that ragged attire is the pride of emperors.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
गली में उसके फटे कपड़ों पर मत जाना; वह फटे वस्त्र बादशाहों का अभिमान हैं।
विस्तार
यह शेर हमें ज़िंदगी का एक बहुत गहरा सच सिखाता है। शायर कहते हैं कि किसी इंसान को उसके फटे कपड़ों से नहीं आंकना चाहिए। वो कहते हैं कि ये गरीबी का लिबास ही असल में बादशाहों का फ़ख़्र है। इसका मतलब है कि असली इज़्ज़त और शान दौलत में नहीं, बल्कि इंसान की रूह में बसती है। एक गहरा फ़लसफ़ा है यह!
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