दिल-ओ-दीं होश-ओ-सब्र सब ही गए
आगे आगे तुम्हारे आने के
“All my heart, devotion, senses, and patience are lost, Just anticipating your arrival.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरा दिल, मेरा मन, मेरी होश और सब्र सब कुछ चला गया, बस तुम्हारे आने का इंतज़ार करते-करते।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर ने इंतज़ार के दर्द को बहुत खूबसूरती से बयान किया है। शायर कहते हैं कि महबूब के आने का सिर्फ ख़याल ही... दिल, होश, दीं और सब्र... सब कुछ छीन लेता है। यह उस बेचैनी को बयां करता है, जब किसी मुलाकात की उम्मीद में, वक़्त गुज़रना भी सज़ा जैसा लगता है। यह इश्क़ की ताक़त का कमाल है!
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