कब तू सोता था घर मरे आ कर
जागे ताला ग़रीब-ख़ाने के
“When you were sleeping at home, I came and died; when you awoke, I was at the poorhouse gate.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जब तुम घर पर सो रहे थे, मैं आया और मर गया; जब तुम जागे, तो मैं ग़रीब-ख़ाने के ताले पर था।
विस्तार
यह शेर जीवन की अचानक और अटल सच्चाई को बयां करता है। शायर पूछ रहे हैं कि जब तक आप सो रहे थे, यह मौत कैसे आ गई? और यह ताला... यह ग़रीब-ख़ाना का ताला... यह पूछकर बता रहे हैं कि मौत कोई निजी घटना नहीं है। यह तो एक ऐसा अटल सत्य है, जो हमेशा जागता रहता है, इंतज़ार करता है।
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