चश्म-ए-नजम सिपहर झपके है
सदक़े उस अँखड़ियाँ लड़ाने के
“The eyelid, like a star's gleam, has blinked, For the sake of battling those stubborn, harsh nights.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
नज़र की पलक, तारे की चमक जैसी, झपकी है, उन जिद्दी और कठोर रातों से लड़ने के लिए।
विस्तार
यह शेर महबूब की नज़रों के जादू और उसके असर को बयान करता है। शायर कह रहे हैं कि बस एक बार उस नूरानी आँख का झपकाना... एक पल का इशारा... हमारे लिए इतना बड़ा तूफ़ान क्यों बन जाता है? यह दर्द है कि महबूब की एक साधारण सी अदा ही, हमें ज़िंदगी की सबसे बड़ी उलझनों में फंसा देती है। यह इश्क़ का वो आलम है, जहाँ एक इशारा भी क़यामत ला दे।
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