मेरे तग़ईर-ए-हाल पर मत जा
इत्तिफ़ाक़ात हैं ज़माने के
“Do not think that this change in my state is directed at you, These are merely coincidences of time and fate.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे हाल में जो भी बदलाव आया है, वह तुम्हारे कारण नहीं है। ये तो बस समय और किस्मत के संयोग मात्र हैं।
विस्तार
यह शेर हमें जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई सिखाता है। शायर कहते हैं कि हमारे हालात में जो भी बदलाव आ रहा है, उस पर हमें कोई सवाल नहीं उठाना चाहिए। क्योंकि ये तग़य्युर तो बस ज़माने के इत्तिफ़ाक़ात हैं—ये समय का खेल है। हमें समझना होगा कि ज़िंदगी का हर मोड़ एक कहानी है, और हमें बस उस कहानी को स्वीकार करना है।
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