देखा था कहीं साया तिरे क़द का चमन में — मीर तक़ी मीर
“I once saw the shadow of your stature in a garden; O Meer-ji, the wandering fairy has been there until now.”
अर्थ
क्या मैंने कहीं तुम्हारे कद की छाया एक बगीचे में देखी थी? मीर जी, आवारा-परी अब तक यहीं है।
विस्तार
यह शेर बताता है कि इश्क़ कितना जादुई और असरदार होता है। शायर कहते हैं कि उन्होंने कहीं किसी बगीचे में महबूब का साया देखा था, एक खूबसूरत मंज़र। लेकिन दूसरी लाइन में वो बताते हैं कि अब वो किसी भी साधारण जगह पर नहीं हैं; वो तो आवारा-परियों के उस नशीले संसार से बाहर आ चुके हैं। इसका मतलब है कि प्यार ने उन्हें एक ऐसी दुनिया में खींच लिया, जहाँ से वापस लौटना मुमकिन नहीं!
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