मजनूँ का दिल हूँ महमिल-ए-लैला से हूँ जुदा — मीर तक़ी मीर
“I am Majanun's heart, separated from the garden of Layla; I wander alone in the wilderness, without a stream or brook.”
अर्थ
मैं मजनूँ का दिल हूँ, जो लैला के महफ़िल से अलग हो गया है; मैं एक वीराने में अकेला घूम रहा हूँ, जहाँ कोई नाला या धारा नहीं है।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ जुदाई की बात नहीं करता, यह तो दिल के टूटने का आलम है। शायर कहते हैं कि मेरा वजूद, मजनूँ का दिल है, और यह दिल अब लैला के महफ़िल से दूर है। यह दूर जाना सिर्फ़ जगह का नहीं, बल्कि रूह का बिछड़ना है। दश्त में अकेले भटकना, ऐसा है जैसे आँखों का कोई ठहराव न हो... बस आँसुओं का एक बहता दरिया हो!
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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