साक़ी के जो आने की ख़बर थी गुज़री हमें सारी बे-ख़बर रात

“The news of the arrival of the cupbearer (Saqi) was enough to make the whole unaware night pass by.”

— मीर तक़ी मीर
अर्थ

साक़ी के आने की खबर मात्र ही पूरी बेखबर रात गुज़र गई।

विस्तार

यह शेर इंतज़ार और उम्मीद के गहरे एहसास को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि बस साक़ी के आने की खबर ही... रात को पूरी तरह से बेखबर बना गई। मतलब, जब कोई खुशी का इल्म होता है, तो वक़्त की गुज़रना भी एक अलग ही अहसास होता है! यह दिखाता है कि महबूब के आने का सिर्फ़ ज़िक्र ही, ज़िंदगी को एक पूरी नई रूह दे देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.